जब जब दर्द का बादल छाया, जब जब गम का साया लहराया, जब आंसू पलको तक आया जब ये तन्हा दिल गबराया, हमने दिल को ये समझाया दिल आखिर तू क्यों रोता है?
दुनिया में यूहीं होता है।
ये जो गहरे सनाटे है, वक़्त ने सबको ही बाटे है , थोड़ा गम सबका पैसा, थोड़ी धूप है सबका हिस्सा, आखँ तेरी बेकार ही नम है, हर पल एक नया मोसम है, क्यों तू ऎसे पल खोता है, दिल आखिर तू क्यों रोता हैं?
"If you have more than you need simply share it with those who need it the most" 🚩यदि आपके पास जरूरत से ज्यादा है तो बस इसे उन लोगों के साथ साझा करें जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है📍
दिलों में अपनी बेताबियां लेकर चल रहे हो तो जिंदा हो तुम, नजर में ख्वाबों की बिजलियां लेकर चल रहे हो तो जिंदा हो तुम हवा के झोंकों के जैसा आजाद रहना सीखो, तुम एक दरिया के जैसे लहरों में बहना सीखो हर एक लम्हे से तुम मिलो खोलें अपनी बाहें हर एक पल नया सामान देखे यह निगाहें जो अपनी आंखों में हैरानिया लेकर चल रहे हो तो जिंदा हो तुम, दिलों में अपनी बेताबीया लेकर चल रहे हो तो जिंदा हो तुम।।
पिघले नीलम से बहता हुआ यह समा, नीली नीली सी खामोशियां, ना कहीं है जमीन, ना कहीं आसमां, सरसराती हुई तेहनियां ,पत्तियां कह रही है बस एक तुम हो यहां सिर्फ में हूं मेरी सांसे है और मेरी धड़कने ऐसी गहराइयां ऐसी तनहाइयां और मैं सिर्फ में ,अपने होने पर मुझको यकीन आ गया।
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